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Thursday, 8 October 2015

Don't buy Chinese products. Please buy Indian products.

वर्ष - 1962,
भारत-चीन युद्ध
==चीन==
सैनिक - 80,000
शहीद - 722
घायल - 1697
==भारत==
सैनिक - 10,000 से 12,000
शहीद - 1383
घायल - 1047
लापता - 1696
बंदी - 3968
परिणाम - भारत, चीन से हार गया…!
चीन अभी तक सुधरा भी नहीं है।
लेकिन हमे क्या ?? 53 साल पहले की बात भूल कर हम तो चीनी सामान खरीदेंगे....उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे !! सैनिक तो होते ही मरने के लिए है !!
नेता बोल देते है.....हमारा व्यवहार बोलता है !!
मर जाएंगे क्या हम बिना चीनी सामान के ??
अगर नहीं.....तो याद उन्हे भी कर लो.....जो लौट के घर ना आए…!!
और सीखो जापान जैसे देशो से……
काफी समय पहले की बात है अमेरिका और जापान में आपसी व्यापार बिलकुल न के बराबर था।
अमेरिका ने काफी जोर देकर जापान की सरकार से कहा की जो आपके यहाँ संतरा (orange) होता है
हम उससे काफी सस्ता और दिखने में अच्छा संतरा आपको दे सकते है,,
जापान की सरकार ने अमरीका के दबाव की वजह से आर्डर दे दिया।
जब वो संतरा जापान के बाज़ारों में बिकने के लिए पहुंचा
( आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि
जापानी संतरा खाने में कड़वा होता था और जो अमेरिका वाला संतरा था वो खाने में अच्छा भी था। )
तो जब वो अमरीका वाला संतरा जापानी बाज़ारों में आया तो किसी ने नहीं
खरीदा।
पता है क्यों नहीं खरीदा…!!
जापानी लोगो ने कहा कि चाहे मेरे देश का संतरा कड़वा
और महंगा है।
पर है तो हमारे देश का ही।
हम इसे ही खरीदेंगे।
तो वो बाकी का करोड़ो रूपये का संतरा सरकार के पास पडा पड़ा ही सड गया
तो ये होती है राष्ट्रभक्ति मेरे भाइयो…!!
कुछ सीखो छोटी आँख वाले जापानियों से
हमारी तो आँखे भी बड़ी है और दिल भी…!!
कृपया करके इस पोस्ट को शेयर करे …!!!
🌍दुनिया में सबसे powerfull फ़ौज सोवियत संघ 🇭🇰के पास थी ,जिसका खर्चा वह भारत🇮🇳 जैसे देशो को मनमाने दाम पर हथियार बेच कर उठाता था ,परन्तु जब अमेरिका 🇬🇧और फ़्रांस🇦🇺 उससे बहुत कम कीमत में उनसे अच्छा हथियार बेचने लगे तो सोवियत 🇭🇰का बाजार टूट गया और ९० के दसक आते आते वह अपने सेना का खर्च उठाने में असमर्थ हो गया परिणाम स्वरुप उसे अपने आधीन राष्ट्रों को आजादी देनी पड़ी इस प्रकार सोवियत संघ🇭🇰 का पतन हो गया .चीन 🇨🇳के पास भी बहुत बड़ी सेना है, और उसे भी अपने सैनिको का खर्च उठाने के लिए अपना सामान अन्य देशो के बाजार में भेजना पड़ रहा है और यहाँ तक उसे अपने कैदियों के अंगो को भी बेच कर पैसा कमाना पड़ रहा है .लगभग रोज चीन 🇨🇳भारतीय सीमा 🇮🇳में घुस आता है, परन्तु वह बियात्नाम युद्ध 🚀के बाद इस स्थिति में नहीं है की कोई बड़ी लड़ाई 🚀लड़ सके, यदि चीन 🇨🇳को बिना एक गोलीचलाये सबक सिखाना है तो सबसे अच्छा तरीका यही है की हर भारतीय 🇮🇳चीनी 🇨🇳सामानों का बहिस्का करे, क्योकि दुनिया का सबसे बड़ा बाजार भारत 🇮🇳है ,कोई भी देश से यदि इतना  बड़ा बाजार छीन जाये तो उसका आधा पतन ऐसे ही हो जाएगा.मै हर भारतीय 🇮🇳से अनुरोध 👏करता हु की वह चीनी 🇨🇳सामान लेना बंद कर दे...!!आप जितने भी ग्रुप में है शेयर जरुर करे....धन्यबाद 🙏👉: पहली बार कोई ढंग का msg मिला whatsapp पर।👉बॉर्डर पर जंग🚀 नही लड़ 👊सकते पर इतना तो कर सकते हैं।🇮🇳
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Saturday, 1 August 2015

क़ुदरत भी कलाम पर मेहरबान.

तीन लाख बावन हज़ार रुपए
मई 2006 में राष्ट्रपति कलाम का सारा परिवार उनसे मिलने दिल्ली आया. कुल मिला कर 52 लोग थे. उनके 90 साल के बड़े भाई से ले कर उनकी डेढ़ साल की परपोती भी.
ये लोग आठ दिन तक राष्ट्रपति भवन में रुके. अजमेर शरीफ़ भी गए. कलाम ने उनके रुकने का किराया अपनी जेब से दिया.
यहाँ तक कि एक प्याली चाय तक का भी हिसाब रखा गया और उनके जाने के बाद कलाम ने अपने अकाउंट से तीन लाख बावन हज़ार रुपए का चेक काट कर राष्ट्रपति कार्यालय को भेजा.

उनके राष्ट्रपति रहते ये बात किसी को पता नहीं चली.
बाद में जब उनके सचिव नायर ने उनके साथ बिताए गए दिनों पर किताब लिखी, तो पहली बार इसका ज़िक्र किया.
इफ़्तार का पैसा अनाथालय को
इसी तरह नवंबर 2002 में रमज़ान के महीने में कलाम ने अपने सचिव को बुला कर पूछा, ''ये बताइए कि हम इफ़्तार भोज का आयोजन क्यों करें? वैसे भी यहां आमंत्रित लोग खाते-पीते लोग होते हैं. आप इफ़्तार पर कितना ख़र्च करते हैं?''
राष्ट्रपति भवन के आतिथ्य विभाग के प्रमुख को फ़ोन लगाया गया.
उन्होंने बताया कि इफ़्तार भोज पर मोटे तौर पर ढ़ाई लाख रुपए का ख़र्च आता है.

कलाम ने कहा, ''हम ये पैसा अनाथालयों को क्यों नहीं दे सकते? आप अनाथालयों को चुनिए और ये सुनिश्चित करिए कि ये पैसा बर्बाद न जाए.''
राष्ट्रपति भवन की ओर से इफ़्तार के लिए निर्धारित राशि से आटे, दाल, कंबल और स्वेटर का इंतेज़ाम किया गया और उसे 28 अनाथालयों के बच्चों में बांटा गया.
लेकिन बात यहीं ख़त्म नहीं हो गई.
कलाम ने नायर से कहा, ''ये सामान तो आपने सरकार के पैसे से ख़रीदवाया है. इसमें मेरा योगदान क्या हुआ? मैं आपको एक लाख रुपए का चेक दे रहा हूँ. उसका भी उसी तरह इस्तेमाल करिए जैसे आपने इफ़्तार के लिए निर्धारित पैसे का किया है, लेकिन किसी को ये मत बताइए कि ये पैसे मैंने दिए हैं.''
बारिश ने भी कलाम का ख़्याल रखा
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भारत के सबसे सक्रिय राष्ट्रपति थे. अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने 175 दौरे किए. इनमें से सिर्फ़ सात विदेशी दौरे थे.
वो लक्ष्यद्वीप को छोड़ कर भारत के हर राज्य में गए.
15 अगस्त 2003 को कलाम ने स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर शाम को राष्ट्रपति भवन के लॉन में हमेशा की तरह एक चाय पार्टी का आयोजन किया.

क़रीब 3000 लोगों को आमंत्रित किया गया.
सुबह आठ बजे से जो बारिश शुरू हुई तो रुकने का नाम नहीं लिया. राष्ट्रपति भवन के अधिकारी परेशान हो गए कि इतने सारे लोगों को भवन के अंदर चाय नहीं पिलाई जा सकती.
आनन-फ़ानन में 2000 छातों का इंतज़ाम कराया गया.
जब दोपहर बारह बजे राष्ट्रपति के सचिव उनसे मिलने गए तो कलाम ने कहा, ''क्या लाजवाब दिन है. ठंडी हवा चल रही है.''
सचिव ने कहा, ''आपने 3000 लोगों को चाय पर बुला रखा है. इस मौसम में उनका स्वागत कैसे किया जा सकता है?''
कलाम ने कहा, ''चिंता मत करिए हम राष्ट्रपति भवन के अंदर लोगों को चाय पिलाएंगे.''
'ऊपर बात कर ली है'
सचिव ने कहा हम ज़्यादा से ज़्यादा 700 लोगों को अंदर ला सकते हैं. मैंने 2000 छातों का इंतज़ाम तो कर दिया है लेकिन ये भी शायद कम पड़ेंगे.

कलाम ने उनकी तरफ़ देखा और बोले, ''हम कर भी क्या सकते हैं. अगर बारिश जारी रही तो ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा... हम भीगेंगे ही न.''
परेशान, बदहाल नायर दरवाज़े तक ही पहुंचे थे कि कलाम ने उन्हें पुकारा और आसमान की ओर देखते हुए कहा, ''आप परेशान मत होइए. मैंने ऊपर बात कर ली है.''
उस समय दिन के 12 बज कर 38 मिनट हुए थे.
ठीक 2 बजे अचानक बारिश थम गई. सूरज निकल आया. ठीक साढ़े पांच बजे कलाम परंपरागत रूप से लॉन में पधारे. अपने मेहमानों से मिले. उनके साथ चाय पी और सबके साथ तस्वीरें खिंचवाई. सवा छह बजे राष्ट्र गान हुआ.
जैसे ही कलाम राष्ट्रपति भवन की छत के नीचे पहुंचे, फिर से झमाझम बारिश शुरू हो गई. अंग्रेज़ी पत्रिका वीक के अगले अंक में एक लेख छपा, क़ुदरत भी कलाम पर मेहरबान.

Friday, 31 July 2015

दिल में गीता और जुबां पे कुरान दिखा देना!

दिल में गीता और जुबां पे कुरान दिखा देना!

कभी मिले तो कलाम साहब जैसा मुसलमान दिखा देना!!

दरगाह पे मत्था टेकता हिन्दू बहुत देखा है!

कभी कृष्ण की भक्ति में डूबा खान दिखा देना!!

Saturday, 30 May 2015

एक 'अँधा आर्मी में भर्ती होने के लिए गया।

एक 'अँधा आर्मी में भर्ती होने के लिए गया।
मेज़र:-
'मैं तुम्हे किस काम के लिए रखूं?
अँधा:-
अंधाधुंध फायरिंग के लिए।
😂😂😂😂😂😂😂😂

Monday, 25 May 2015

चीर कर बहा दो लहू, दुश्मन के सीनेका... यही तो मजा है, हिन्दू होकर जीने का..!!!

चीर कर बहा दो लहू, दुश्मन के सीनेका...
यही तो मजा है, हिन्दू होकर जीने का..!!!

जितनी पाकिस्तान की जनसंख्या हैँ।
उतने भारत मेँ कैदी हैँ !
कैदियो को बोल दो सजा माफ ,
साला सुबह होते होते पाकिस्तान साफ !!
कसम है हर पढ़ने वाले को माँ भारती की कि जरुर शेयर करे
������ँAgar hindu ho toh share kro

Wednesday, 13 May 2015

देश में 2 सैनिकों की हत्या होने की कीमत लगभग 2000 नागरिकों के जीवन पर संकट होने के बराबर है।



भारत देश की जनसंख्या 1 अरब 25 करोड़ है।

Active Military की संख्या 13 लाख 25 हज़ार है।

इस देश में 2 सैनिकों की हत्या होने की कीमत लगभग 2000 नागरिकों के जीवन पर संकट होने के बराबर है।

सोचिये इस देश के 1 परमाणु वैज्ञानिक की हत्या की क्या कीमत चुकानी पड़ेगी???

लेकिन हम चुका रहे हैं।

हममें से अनेक व्यक्ति इस बात से अनजान हैं।

हमें ये पता है की आज सलमान ने क्या किया ?
मोदीजी ने क्या पहन ?
या केजरीवाल ने कितनी बार खाँसा ?

लेकिन क्या हमें ये पता है की वर्ष 2009 से 2013 के बीच इस देश के 10 परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या कर दी गई ???

ये सभी वैज्ञानिक देश के अनेक projects से जुड़े हुए थे। नहीं पता है ना !!!

क्योंकि अभी हम व्यस्त हैं क्रिकेट वर्ल्ड कप में, हम busy हैं दिल्ली के ड्रामे में, हम व्यस्त हैं पाकिस्तान क्रिकेट टीम की हार का उत्सव मनाने में।

1995 से लेकर 2010 तक इस देश के 32 केंन्द्रों के 197 परमाणु वैज्ञानिकों की रहस्यमय मृत्यु हुई है। हमें पता ही नहीं।

BARC के वैज्ञानिक M. Padmnabhan (48) की लाश उनके ही फ्लैट में मिली।

सप्ताह-भर से लापता CAG परमाणु-संयन्त्र से जुड़े Senior Engineer L.N. Mahalingam की लाश काली नदी में तैरती पाई जाती है।

वर्ष 2013 में विशाखापत्तनम में Railway track के किनारे 2 वैज्ञानिकों KK Josh & Abhish Shivam की लाश मिलती है, ये दोनों वैज्ञानिक देश की पहली स्वदेशी पनडुब्बी "अरिहन्त" के निर्माण से जुड़े थे।

क्या हमें पता चला इन सबकी हत्या कैसे हुई ???
क्यों News Channels ने हमें इन घटनाओं से बेख़बर रखा ???

इन सबकी हत्याओं में जो तरीके अपनाये गए वे दुनिया की कुछ चुनिंदा खुफिया एजेन्सी ही अपनाती हैं, जिनमें CIA, KGB, MI6, Mossad और ISI जैसी एजेंसियाँ शामिल हैं।

भारत देश के परमाणु कार्यक्रम के जनक Dr. Homi Jahangir Bhabha की हत्या CIA ने की थी।

हम ना जाने कहाँ खोये हैं, और देश पर गम्भीर संकट मंडरा रहा है।

1 भारतीय होने के नाते इस महत्वपूर्ण जानकारी को अवश्य शेयर करें।

Friday, 8 May 2015

आप सबसे निवेदन है की चुटकले भेजने की बजाय यह सन्देश सबको भेजे ताकि लोग जान सके । महान हस्तियों का जन्म

आप सबसे निवेदन है की
चुटकले भेजने की बजाय यह
सन्देश सबको भेजे ताकि लोग
जान सके । 💐महान हस्तियों का जन्म💐




Jan...
12-1-1863 स्वामी विवेकानंद
28-1-1865 लाला लजपतराय
1-1-1894 जगदीश चंद्र बोंज
23-1-1897 सुभाष चंद्र बोंज
13-1-1949 राकेश शर्मा
20-1-1900 जनरल के.ऍम.    करिअप्पा
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Feb...
18-2-1486 महाप्रभु चेतन्य
18-2-1836 रामकुष्ण परमहंस
22-2-1873 मोहम्मद इकबाल
13-2-1879 सरोजिनी नायडु
29-2-1896 मोरारजी देसाइ
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March...
23-3-1910 डॉ. राममनोहर लोहिया
------------------------------------------
April...
15-4-1469 गुरु नानक देवजी
14-4-1563 गुरु अर्जुन देवजी
14-4-1891 डॉ.भीमराव                   आंबेडकर
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May...
5-5-1479   गुरु अमरदास
31-5-1539 महाराणा प्रताप
6-5-1861   मोतीलाल नेहरु
7-5-1861   रविन्द्रनाथ टेगोर
9-5-1866   गोपालकृष्ण गोखले
24-5-1907 महादेवी वर्मा
2-5-1921   सत्यजित राय
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Jun...
26-6-1838 बंकिमचंद्र चट्टो         पाध्याय
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July...
23-7-1856 लोकमान्य तिलक
31-7-1880 प्रेमचंद मुनशी
29-7-1904 जे. आर. डी. टाटा
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Aug...
27-8-1910  मधर टेरेसा
29-8-1905  ध्यानचंद
------------------------------------------
Sept...
26-9-1820 ईश्वरचंद्र           विद्यासागर
4-9-1825  दादाभाई नवरोजी
10-9-1887 गोविंद वल्लभ पंत
5-9-1888  डॉ. राधाकृष्ण
11-9-1895 विनोबा भावे
27-9-1907 भगतसिंह
15-9-1861 ऍम.विश्वसरेइया
15-9-1876 शरदचंद्र चटोपाध्याय
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Oct...
1-10-1847 डॉ. ऐनी.बेसन्ट
2-10-1869 महात्मा गांधीजी
22-10-1873 स्वामी रामतीर्थ
31-10-1875 सरदार वल्लभभाई पटेल
31-10-1889 आचार्य नरेन्द्रदवे
11-10-1902 जयप्रकाश नारायण
30-10-1909 डॉ. होमी भाभा
19-10-1920 पांडुरंग शास्त्रीजी
आठवले पु. दादा
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Nove...
13-11-1780 महाराणा रणजीतसिंह
4-11-1845 वासुदेव बळवंत फडके
7-11-1858 बिपिनचंद्र पाल
30-11-1858 जगदीशचंद्र बोज
5-11-1870 देशबंधु चितरंजनदास
11-11-1888 मौलाना आज़ाद
4-11-1889 जमनालाल बजाज
19-11-1917 श्रीमती इंदिरागांधी
23-11-1926 श्री सत्यसाई बाबा
4-11-1939 शकुंतलादेवी
12-11-1896 सलीमअली
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Des...
9-12-1484 महाकवि सूरदास
25-12-1861 मदनमोहन मालविया
27-12-1869 ठक्कर बापा
7-12-1879 चक्रवर्ती राजगोपालचारी
3-12-1884 डॉ. राजेन्द्रप्रसाद
30-12-1887 कनैयालालमुनशी
11-12-1931 राजेन्द्रकुमार जेन ओसो रजनीश
22-12-1887 रामानुजम

Tuesday, 5 May 2015

🐙🐍आपको मिर्ची लगे इसका पूरा इंतजाम है, पढ़िएगा जरूर🐒🐊

🐙🐍आपको मिर्ची लगे इसका पूरा इंतजाम है, पढ़िएगा जरूर🐒🐊


📢मन की पीड़ा सहन के बाहर हुई है. जली-कटी कहने आया हूं, आपको अंदर तक चुभने वाली बात कहने आया हूं. सबसे ज्यादा मूर्खता कहां है, यह सोचता हूं तो सबसे पहले ख्याल आता है सनातन मानने वाले उन मूर्खों पर जो इसको फॉरवर्ड करो, वहां भेजो, तो यह हो जाएगा, नहीं भेजा तो वह हो जाएगा. एक इंजीनियर ने ऐसा इंजेक्शन बना दिया है कि गौमाता की हत्या करने वाले के तत्काल प्राण निकल जाएंगे.
📢अपने धर्म के अतीत की ओर देखता हूं तो हनुमान चालीसा में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी का करीब-करीब सही आंकलन देखकर गर्व होता है. अगस्त्य मुनि के जन्म की कथा पढ़कर गर्व होता है कि हमारे पूर्वजों को टेस्टट्यूब बेबी पैदा करने का ज्ञान हजारों साल पहले से था. महर्षि च्यवन के शीश को फिर से शरीर से जोड़ने की बातें भागवत में सुनता हूं तो अद्भुत शल्य चिकित्सा पर अभिमान होता है. च्यवन, चरक, धन्वंतरि और न जाने कितने नाम गिना सकता हूं.
📢वायुयान, टेलीविजन और इंटरनेट के कॉन्सेप्ट सनातन में बहुत पहले से थे. रामसेतु के प्रमाण मिल रहे हैं. आज नासा के शोध हमारी चीजों को सत्य मान रहे हैं किंतु सनातन के उन मूर्खों का क्या करूं जो इस पोस्ट को शेयर करो तो यह हो जाएगा, नहीं भेजा तो वह हो जाएगा. इंजीनियर ने मशीन की जगह इंजेक्शन बनाया. तुम तो मूर्ख ही पैदा हुए, मूर्ख ही मरोगे, अपने पूर्वजों का उपहास क्यों करा रहे हो.
📢श्रीकृष्ण और श्रीराम सर्वसमर्थ थे लेकिन उन्होंने संदेश दिया कि कर्म करना पड़ेगा. अपनी लड़ाई स्वयं लड़नी पड़ेगी. सोमनाथ मंदिर को गजनी से कुछ सौ लुटेरे लूट रहे थे और दस हजार से ज्यादा लोग रुद्राष्टकम का पाठ करके रक्षा के लिए महादेव को पुकार रहे थे. महादेव ने उन्हें भुजाएं दी थीं लेकिन वह तो चाहते थे कि स्वयं महादेव ही आकर लड़ें. वे गीता का ज्ञान भूल रहे थे कि कर्म तो आपको करने पड़ेंगे. ईश्वर सिर्फ सहायक बनेंगे. श्रीकृष्ण चाहते तो पलभर में दुष्टों का अंत कर सकते थे, किंतु उन्होंने शस्त्र न उठाने का प्रण कर लिया. इससे कोई सीखता ही नहीं. यदि नहीं सीखना तो कम से कम मूर्खता तोह रोको whatasapp के सूरमाओं

Friday, 1 May 2015

आर्मी कोर्ट रूम में आज एक कोर्ट मार्शल.

✅ Ek Fauji ki request per yeh forwarded msg. zaroor padhen
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कोर्ट मार्शल"
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आर्मी कोर्ट रूम में आज एक
केस अनोखा अड़ा था
छाती तान अफसरों के आगे
फौजी बलवान खड़ा था
बिन हुक्म बलवान तूने ये
कदम कैसे उठा लिया
किससे पूछ उस रात तू
दुश्मन की सीमा में जा लिया
बलवान बोला सर जी! ये बताओ
कि वो किस से पूछ के आये थे
सोये फौजियों के सिर काटने का
फरमान कोन से बाप से लाये थे
बलवान का जवाब में सवाल दागना
अफसरों को पसंद नही आया
और बीच वाले अफसर ने लिखने
के लिए जल्दी से पेन उठाया
एक बोला बलवान हमें ऊपर
जवाब देना है और तेरे काटे हुए
सिर का पूरा हिसाब देना है
तेरी इस करतूत ने हमारी नाक कटवा दी
अंतरास्ट्रीय बिरादरी में तूने थू थू करवा दी
बलवान खून का कड़वा घूंट पी के रह गया
आँख में आया आंसू भीतर को ही बह गया
बोला साहब जी! अगर कोई
आपकी माँ की इज्जत लूटता हो
आपकी बहन बेटी या पत्नी को
सरेआम मारता कूटता हो
तो आप पहले अपने बाप का
हुकमनामा लाओगे ?
या फिर अपने घर की लुटती
इज्जत खुद बचाओगे?
अफसर नीचे झाँकने लगा
एक ही जगह पर ताकने लगा
बलवान बोला साहब जी गाँव का
ग्वार हूँ बस इतना जानता हूँ
कौन कहाँ है देश का दुश्मन सरहद
पे खड़ा खड़ा पहचानता हूँ
सीधा सा आदमी हूँ साहब !
मै कोई आंधी नहीं हूँ
थप्पड़ खा गाल आगे कर दूँ
मै वो गांधी नहीं हूँ
अगर सरहद पे खड़े होकर गोली
न चलाने की मुनादी है
तो फिर साहब जी ! माफ़ करना
ये काहे की आजादी है
सुनों साहब जी ! सरहद पे
जब जब भी छिड़ी लडाई है
भारत माँ दुश्मन से नही आप
जैसों से हारती आई है
वोटों की राजनीति साहब जी
लोकतंत्र का मैल है
और भारतीय सेना इस राजनीति
की रखैल है
ये क्या हुकम देंगे हमें जो
खुद ही भिखारी हैं
किन्नर है सारे के सारे न कोई
नर है न नारी है
ज्यादा कुछ कहूँ तो साहब जी
दोनों हाथ जोड़ के माफ़ी है
दुश्मन का पेशाब निकालने को
तो हमारी आँख ही काफी है
और साहब जी एक बात बताओ
वर्तमान से थोडा सा पीछे जाओ
कारगिल में जब मैंने अपना पंजाब
वाला यार जसवंत खोया था
आप गवाह हो साहब जी उस वक्त
मै बिल्कुल भी नहीं रोया था
खुद उसके शरीर को उसके गाँव
जाकर मै उतार कर आया था
उसके दोनों बच्चों के सिर साहब जी
मै पुचकार कर आया था
पर उस दिन रोया मै जब उसकी
घरवाली होंसला छोड़ती दिखी
और लघु सचिवालय में वो चपरासी
के हाथ पांव जोड़ती दिखी
आग लग गयी साहब जी दिल
किया कि सबके छक्के छुड़ा दूँ
चपरासी और उस चरित्रहीन
अफसर को मै गोली से उड़ा दूँ
एक लाख की आस में भाभी
आज भी धक्के खाती है
दो मासूमो की चमड़ी धूप में
यूँही झुलसी जाती है
और साहब जी ! शहीद जोगिन्दर
को तो नहीं भूले होंगे आप
घर में जवान बहन थी जिसकी
और अँधा था जिसका बाप
अब बाप हर रोज लड़की को
कमरे में बंद करके आता है
और स्टेशन पर एक रूपये के
लिए जोर से चिल्लाता है
पता नही कितने जोगिन्दर जसवंत
यूँ अपनी जान गवांते हैं
और उनके परिजन मासूम बच्चे
यूँ दर दर की ठोकरें खाते हैं..
भरे गले से तीसरा अफसर बोला
बात को और ज्यादा न बढाओ
उस रात क्या- क्या हुआ था बस
यही अपनी सफाई में बताओ
भरी आँखों से हँसते हुए बलवान
बोलने लगा
उसका हर बोल सबके कलेजों
को छोलने लगा
साहब जी ! उस हमले की रात
हमने सन्देश भेजे लगातार सात
हर बार की तरह कोई जवाब नही आया
दो जवान मारे गए पर कोई हिसाब नही आया
चौंकी पे जमे जवान लगातार
गोलीबारी में मारे जा रहे थे
और हम दुश्मन से नहीं अपने
हेडक्वार्टर से हारे जा रहे थे
फिर दुश्मन के हाथ में कटार देख
मेरा सिर चकरा गया
गुरमेल का कटा हुआ सिर जब
दुश्मन के हाथ में आ गया
फेंक दिया ट्रांसमीटर मैंने और
कुछ भी सूझ नहीं आई थी
बिन आदेश के पहली मर्तबा सर !
मैंने बन्दूक उठाई थी
गुरमेल का सिर लिए दुश्मन
रेखा पार कर गया
पीछे पीछे मै भी अपने पांव
उसकी धरती पे धर गया
पर वापिस हार का मुँह देख के
न आया हूँ
वो एक काट कर ले गए थे
मै दो काटकर लाया हूँ
इस ब्यान का कोर्ट में न जाने
कैसा असर गया
पूरे ही कमरे में एक सन्नाटा
सा पसर गया
पूरे का पूरा माहौल बस एक ही
सवाल में खो रहा था
कि कोर्ट मार्शल फौजी का था
या पूरे देश का हो रहा था ?
Dosto, Ek Baar.. इसे इतना फैला दो की सारे नेता को कुछ शर्म आयेे की फौजियों का आत्मविश्वास न गिराए
friends प्यार की शेर शयरी बहुत शेयर किया हैं.... जरा इसे भी इतना शेयर कर दो की
जाग उठे आज के नेता और जवान की रूह देश के लिए।।
जय हिन्द.. वंदे मातरम्...

Salute for Indian army.


Floods - Call the Army
Earthquake - Call the Army
Terrorist attack - Call the Army
A child stuck in a bore well - Call the Army
Riots- Call the Army
And
For 'Ribbon Cutting'-
Call Actors and politicians!!!!
Last year Uttarakhand,
Today Kashmir.
Any weather,
Any place,
Any war - man or nature ,
Any time :
The Indian Army is always ready. 
Why dont we invite them during happy times..
dear all avoid inviting hero or heroins during opening ceremonies or award functions.
Instead invite Indian Army....
They deserve more than anybody ...share if u feel its worth.
👌we should forward the above to more n more to reach 120 crore people.