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Monday, 8 June 2015

Please help to peoples. "मदद करने वाले हाथ प्रार्थना करने वाले हाथो से अच्छे होते हैं"

एक गरीब FAMILY THI जिसमे 5 लोग थे.....
माँ बाप और 3 बच्चे
बाप हमेशा बीमार रहता था |



एक दिन वो मर गया !
3 दिन तक पड़ोसियों ने खाना भेजा बाद में भूखे
रहने के दिन आ गए.....|

माँ ने कुछ दिन तक जैसे-तैसे
बच्चों को खाना खिलाया |
लेकिन कब तक आखिर फिर से भूखे रहना पड़ा !
जिसकी वजह से 8 साल का बेटा बीमार
हो गया और बिस्तर पकड़ लिया......
एक दिन 5 साल की बच्ची ने माँ के कान में पूछा।
"
माँ भाई कब मरेगा....??
.
माँ ने तड़प कर पूछा ऐसा क्यों पूछ रही हो.....??
.
बच्ची ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया,
जिसे सुन कर आप की आँखों में आँसु आ जायेंगे.......
.
.
बच्ची का जवाब था |
"माँ भाई मरेगा तो घर में खाना आएगा ना !"....
.
.
.
भाइयो और बहनो, आपके खाने में
गरीबो का भी हक है |
.
गरीबो की मदद करे जो दुसरो के मोहताज़ है ..
अगर आप हर massege, Shaayri SHARE करते हो...
थोडा टाइम निकाल कर इस पोस्ट
को भी SHARE कर दी जिये
.
भगवान हम सब की मुसीबत टाल दे...
और जो कोई भी इस मेसेज को आगे बढ़ा रहा है
Bhaghwan उसकी हर परेसानी को दूर कर दे..!!! जरूर पढ़े और ओरो को भी भेजे

...शादिया शुरू होगई है...
आपसे हाथ जोड़ विनती है,...
अगर आगे से कभी आपके घर में
पार्टी/समारोह हो और खाना बच जाये
या बेकार जा रहा हो तो बिना झिझके
आप 1098 (केवल भारत में) पर फ़ोन करें,
..."यह एक मजाक नहीं है -
यह चाइल्ड helpline है"...
...वे आयेंगे और भोजन एकत्रित करके
ले जायेंगे। ...कृप्या इस msg को
ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करें इससे
उन बच्चों का पेट भर सकता है
कृप्या इस श्रृंखला को तोड़े नहीं


..."मदद करने वाले हाथ
प्रार्थना करने वाले हाथो से अच्छे होते हैं"

...भगवान की photo फॉरवर्ड
करने से किसी को गुड लक
मिला या नहीं मालूम नहीं ...

पर एक msg अगर भूखे बच्चे तक
खाना फॉरवर्ड कर सके
तो यह ज्यादा बेहतर है...!!! Plz plz share it maximum

Saturday, 9 May 2015

Beautiful poem by –हरिवंशराय बच्चन



Beautiful poem by
–हरिवंशराय बच्चन

हारना तब आवश्यक हो जाता है जब लङाई
"अपनों से हो"

...और....

जीतना तब आवश्यक हो जाता है जब लङाई
"अपने आप से हो" मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है!
हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है...

Wednesday, 6 May 2015

राधा कृष्ण स्वर्ग में विचरण करते हुए अचानक एक दुसरे के सामने आ गए !

पुरा जरूर पढना अच्छा लगे तो शेयर भी करना
राधे राधे
राधा कृष्ण

स्वर्ग में विचरण करते हुए
अचानक एक दुसरे के सामने आ गए
विचलित से कृष्ण ,प्रसन्नचित सी राधा…
कृष्ण सकपकाए, राधा मुस्काई
इससे पहले कृष्ण कुछ कहते राधा बोल उठी
कैसे हो द्वारकाधीश ?
जो राधा उन्हें कान्हा कान्हा कह के बुलाती थी
उसके मुख से द्वारकाधीश का संबोधन
कृष्ण को भीतर तक घायल कर गया
फिर भी किसी तरह अपने आप को संभाल लिया
और बोले राधा से ………
मै तो तुम्हारे लिए आज भी कान्हा हूँ
तुम तो द्वारकाधीश मत कहो!
आओ बैठते है ….
कुछ मै अपनी कहता हूँ कुछ तुम अपनी कहो
सच कहूँ राधा जब जब भी तुम्हारी याद आती थी
इन आँखों से आँसुओं की बुँदे निकल आती थी
बोली राधा ,मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ
ना तुम्हारी याद आई ना कोई आंसू बहा
क्यूंकि हम तुम्हे कभी भूले ही कहाँ थे
जो तुम याद आते
इन आँखों में सदा तुम रहते थे
कहीं आँसुओं के साथ निकल ना जाओ
इसलिए रोते भी नहीं थे
प्रेम के अलग होने पर तुमने क्या खोया
इसका इक आइना दिखाऊं आपको ?
कुछ कडवे सच ,प्रश्न सुन पाओ तो सुनाऊ?
कभी सोचा इस तरक्की में तुम कितने पिछड़ गए
यमुना के मीठे पानी से जिंदगी शुरू की
और समुन्द्र के खारे पानी तक पहुच गए ?
एक ऊँगली पर चलने वाले सुदर्शन चक्रपर
भरोसा कर लिया और
दसों उँगलियों पर चलने वाळी
बांसुरी को भूल गए ?
कान्हा जब तुम प्रेम से जुड़े थे तो ….
जो ऊँगली गोवर्धन पर्वत उठाकर लोगों को विनाश से
बचाती थी
प्रेम से अलग होने पर वही ऊँगली
क्या क्या रंग दिखाने लगी
सुदर्शन चक्र उठाकर विनाश के काम आने लगी
कान्हा और द्वारकाधीश में
क्या फर्क होता है बताऊँ
कान्हा होते तो तुम सुदामा के घर जाते
सुदामा तुम्हारे घर नहीं आता
युद्ध में और प्रेम में यही तो फर्क होता है
युद्ध में आप मिटाकर जीतते हैं
और प्रेम में आप मिटकर जीतते हैं
कान्हा प्रेम में डूबा हुआ आदमी
दुखी तो रह सकता है
पर किसी को दुःख नहीं देता
आप तो कई कलाओं के स्वामी हो
स्वप्न दूर द्रष्टा हो
गीता जैसे ग्रन्थ के दाता हो
पर आपने क्या निर्णय किया
अपनी पूरी सेना कौरवों को सौंप दी?
और अपने आपको पांडवों के साथ कर लिया
सेना तो आपकी प्रजा थी
राजा तो पालाक होता है
उसका रक्षक होता है
आप जैसा महा ज्ञानी
उस रथ को चला रहा था जिस पर बैठा अर्जुन
आपकी प्रजा को ही मार रहा था
आपनी प्रजा को मरते देख
आपमें करूणा नहीं जगी
क्यूंकि आप प्रेम से शून्य हो चुके थे
आज भी धरती पर जाकर देखो
अपनी द्वारकाधीश वाळी छवि को
ढूंढते रह जाओगे हर घर हर मंदिर में
मेरे साथ ही खड़े नजर आओगे
आज भी मै मानती हूँ
लोग गीता के ज्ञान की बात करते हैं
उनके महत्व की बात करते है
मगर धरती के लोग
युद्ध वाले द्वारकाधीश पर नहीं
प्रेम वाले कान्हा पर भरोसा करते हैं
गीता में मेरा दूर दूर तक नाम भी नहीं है
पर आज भी लोग उसके समापन पर
” राधे राधे” कहते हैं

यदि तुम ऐसा नही चाहते ,तो फिर तुमको जगना होगा ।

राणा ने वन मे भटक भटक ,जिस तन मे
प्राण प्रतिष्ठा की ।।

जौहर कुंडों में कूद-कूद, सतियों ने जिसे
दिया सत्व ।
गुरुओं-गुरुपुत्रों ने जिसमें चिर
बलिदानी भर दिया तत्व ।।

वह शाश्वत हिन्दू जीवन क्या स्मरणीय
मात्र रह जाएगा ?

इसकी पावन गंगा का जल क्या नालो मे
बह जाऐगा ??

इसके गंगाधर शिव शंकर क्या ले
समाधि सो जाएंगे ?

इसके पुष्कर इसके प्रयाग क्या गर्त
मात्र हो जाएंगे ??

यदि तुम ऐसा नही चाहते ,तो फिर
तुमको जगना होगा ।

हिन्दूराष्ट्र का बिगुल बजाकर ,दानव
दल को दलना होगा ।

ये टिप्पणी.ईमान डाक्टर साहब के लिए नही है. कृपया वे अन्यथा न लें और आहत न हों।

ये टिप्पणी ईमान डाक्टर साहब के लिए नही है. कृपया वे अन्यथा न लें
और आहत न हों।

आप एक कसबे में रहते हैं, मोटरसाइकिल से
कही जा रहे थे, एक्सीडेंट हो गया, चोट लग
गयी। अस्पताल 2 km दूर है, बगल से एक
ऑटो रिक्शा वाला जा रहा है। अस्पताल
2 km दूर है ऑटो वाला कहता है 2000 रु
लूँगा पहले, तब छोडूंगा अस्पताल तक.. आप
क्या करेंगे??

मान लीजिये आपने मना कर
दिया दूसरा ऑटो वाला आ गया,
वो बोला चलो मैं 1000 में छोड़ देता हूँ।
पहला ऑटो वाला उस से भिड गया..
मेरी सवारी खराब कर रहा है, रेट बिगाड़
रहा है। दूसरा ऑटो वाला डर के भाग
गया.. आप क्या करेंगे ????

चलो इसे छोडिये अब.. ये सिर्फ समझाने के
लिये था। असली मुद्धे पर आते है।
आपके पिता जी को "हार्ट अटैक" हो गया..
डॉक्टर कहता है Streptokinase इंजेक्शन
ले के आओ..9000 रु का.... इंजेक्शन
की असली कीमत 700 - 900 रु के बीच है
पर उसपे MRP 9000 का है। आप
क्या करेंगे????

आपके बेटे को टाइफाइड हो गया. डॉक्टर ने
लिख दिया कुल 14 Monocef लगेंगे।
होलसेल दाम 25रु है. अस्पताल का केमिस्ट
आपको 53 रु में देता है.. आप क्या करेंगे??
आपकी माँ की किडनी फेल हो गयी है. हर
तीसरे दिन Dialysis होता है.. Dialysis के
बाद एक इंजेक्शन लगता है ( नाम मुझे मालूम
नहीं ) MRP शायद 1800 रु है। आप सोचते
हैं की बाज़ार से होलसेल मार्किट से ले
लेता हूँ। पूरा हिन्दुस्तान आप खोज मारते
हैं, कही नहीं मिलता.... क्यों ?
कम्पनी सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर
को सप्लाई देती है। इंजेक्शन
की असली कीमत 500 है पर डॉक्टर अपने
अस्पताल में MRP पे यानि 1800 में
देता है.... आप क्या करेंगे ??

आपके बेटे को इन्फेक्शन हो गया है. डॉक्टर
ने जो Antibiotic लिखी वो 540 रु
का एक पत्ता है. वही salt
किसी दूसरी कम्पनी का 150 का है और
जेनेरिक 45 रु का.... पर केमिस्ट
आपको मना कर देता है... नहीं जेनेरिक हम
रखते ही नहीं, दूसरी कम्पनी की देंगे नहीं..
वही देंगे जो डॉक्टर साहब ने लिखी है
यानी 540 वाली? आप क्या करेंगे??

बाज़ार में Ultrasound 750 रु में
होता है. चैरिटेबल डिस्पेंसरी 240 रु में
करती है। 750 में डॉक्टर का कमीशन 300
रु है। MRI में डॉक्टर का कमीशन 2000 से
3000 के बीच है।
डॉक्टर और अस्पतालों की ये लूट, ये
नंगा नाच बेधड़क बेखौफ्फ़ देश में चल रहा है।
Pharmaceutical कम्पनियों की lobby
इतनी मज़बूत है की उसने देश को सीधे सीधे
बंधक बना रखा है। स्वास्थय मंत्रालय और
सरकार एकदम लाचार है। डॉक्टर्स और
दवा कम्पनियां मिली हुई हैं। दोनों मिल
के सरकार को ब्लैकमेल करते हैं.. सरकार
पूरी तरह लाचार है ? या नकारा ?
नपुंसक ?
यक्ष प्रश्न.. मीडिया दिन रात दिखाता है, लाल किताब बेचता है,
समोसे के साथ बाबा जी की हरी चटनी,
सास बहू और साज़िश, सावधान, क्राइम
रिपोर्ट, राखी सावंत, Bigboss,
Cricketar की Girlfriend,
बिना ड्राईवर की कार, गड्ढे में
गिरा प्रिंस.. सब दिखाता है..... पर
Doctors, Hospitals और
Pharmaceutical कम्पनियों की ये लूट
क्यों नहीं दिखाता??
मीडिया नहीं दिखाएगा तो कौन
दिखाएगा?? मेडिकल lobby
की दादागिरी कैसे रुकेगी??

इस lobby ने सरकार को लाचार कर
रखा है। media क्यों चुप है ?
क्या मीडिया को भी खरीद लिया है
फार्म कंपनी ने ??
2000 रु मांगने वाले ऑटो वाले को तो आप
कालर पकड़ के मारेंगे चार झापड़... डॉक्टर
साहब का क्या करेंगे??????

स्वर्गीय भाई राजीव दीक्षित के बोल

Tuesday, 5 May 2015

Bebas kar deta hai mujhe Kaanoon-E-Mohabbat warna.

Bebas kar deta hai mujhe Kaanoon-E-Mohabbat warna,

Tujhe itna chahoon ke ishq ki intehaa kar doon.

इस से पहले की हवा शोर मचाने लग जाए!

इस से पहले की हवा शोर मचाने लग जाए!
मेरे "अल्लाह" मेरी ख़ाक ठिकाने लग जाए!!


घेरे रहते हैं खाली ख्वाब मेरी आँखों को!
काश कुछ देर मुझे नींद भी आने लग जाए!!

साल भर ईद का रास्ता नहीं देखा जाता!
वो गले मुझ से किसी और बहाने लग जाए!!

😔कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया😔

😔कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया😔
😔एक सिपाही एक कुत्ते को बांध कर लाया😔
😔सिपाही ने जब कटघरे में आकर कुत्ता खोला😔
😔कुत्ता रहा चुपचाप, मुँह से कुछ ना बोला..!😔
😔नुकीले दांतों में कुछ खून-सा नज़र आ रहा था😔
😔चुपचाप था कुत्ता, किसी से ना नजर मिला रहा था😔
😔फिर हुआ खड़ा एक वकील ,देने लगा दलील😔
😔बोला, इस जालिम के कर्मों से यहाँ मची तबाही है😔
😔इसके कामों को देख कर इन्सानियत घबराई है😔
😔ये क्रूर है, निर्दयी है, इसने तबाही मचाई है😔
😔दो दिन पहले जन्मी एक कन्या, अपने दाँतों से खाई है😔
😔अब ना देखो किसी की बाट😔
😔आदेश करके उतारो इसे मौत के घाट😔
😔जज की आँख हो गयी लाल😔
😔तूने क्यूँ खाई कन्या, जल्दी बोल डाल😔
😔तुझे बोलने का मौका नहीं देना चाहता😔
😔लेकिन मजबूरी है, अब तक तो तू फांसी पर लटका पाता😔
😔जज साहब, इसे जिन्दा मत रहने दो😔
😔कुत्ते का वकील बोला, लेकिन इसे कुछ कहने तो दो😔
😔फिर कुत्ते ने मुंह खोला ,और धीरे से बोला😔
😔हाँ, मैंने वो लड़की खायी है😔
😔अपनी कुत्तानियत निभाई है😔
😔कुत्ते का धर्म है ना दया दिखाना😔
😔माँस चाहे किसी का हो, देखते ही खा जाना😔
😔पर मैं दया-धर्म से दूर नही😔
😔खाई तो है, पर मेरा कसूर नही😔
😔मुझे याद है, जब वो लड़की छोरी कूड़े के ढेर में पाई थी😔
😔और कोई नही, उसकी माँ ही उसे फेंकने आई थी😔
😔जब मैं उस कन्या के गया पास😔
😔उसकी आँखों में देखा भोला विश्वास😔
😔जब वो मेरी जीभ देख कर मुस्काई थी😔
😔कुत्ता हूँ, पर उसने मेरे अन्दर इन्सानियत जगाई थी😔
😔मैंने सूंघ कर उसके कपड़े, वो घर खोजा था😔
😔जहाँ माँ उसकी थी, और बापू भी सोया था😔
😔मैंने भू-भू करके उसकी माँ जगाई😔
😔पूछा तू क्यों उस कन्या को फेंक कर आई😔
😔चल मेरे साथ, उसे लेकर आ😔
😔भूखी है वो, उसे अपना दूध पिला😔
😔माँ सुनते ही रोने लगी😔
😔अपने दुख सुनाने लगी😔
😔बोली, कैसे लाऊँ अपने कलेजे के टुकड़े को😔
😔तू सुन, तुझे बताती हूँ अपने दिल के दुखड़े को😔
😔मेरी सासू मारती है तानों की मार😔
😔मुझे ही पीटता है, मेरा भतार😔
😔बोलता है लङ़का पैदा कर हर बार 😔
😔लङ़की पैदा करने की है सख्त मनाही😔
😔कहना है उनका कि कैसे जायेंगी ये सारी ब्याही😔

😔वंश की तो तूने काट दी बेल😔
😔जा खत्म कर दे इसका खेल😔
😔माँ हूँ, लेकिन थी मेरी लाचारी😔
😔इसलिए फेंक आई, अपनी बिटिया प्यारी😔
😔कुत्ते का गला भर गया😔
😔लेकिन बयान वो पूरे बोल गया....!😔
😔बोला, मैं फिर उल्टा आ गया😔
😔दिमाग पर मेरे धुआं सा छा गया😔
😔वो लड़की अपना, अंगूठा चूस रही थी😔
😔मुझे देखते ही हंसी, जैसे मेरी बाट में जग रही थी😔
😔कलेजे पर मैंने भी रख लिया था पत्थर😔
😔फिर भी काँप रहा था मैं थर-थर😔
😔मैं बोला, अरी बावली, जीकर क्या करेगी😔
😔यहाँ दूध नही, हर जगह तेरे लिए जहर है, पीकर क्या करेगी😔
😔हम कुत्तों को तो, करते हो बदनाम😔
😔परन्तु हमसे भी घिनौने, करते हो काम😔
😔जिन्दी लड़की को पेट में मरवाते हो😔
😔और खुद को इंसान कहलवाते हो😔
😔मेरे मन में, डर कर गयी उसकी मुस्कान
😔लेकिन मैंने इतना तो लिया था जान😔
😔जो समाज इससे नफरत करता है😔
😔कन्याहत्या जैसा घिनौना अपराध करता है😔
😔वहां से तो इसका जाना अच्छा😔
😔इसका तो मर जान अच्छा😔
😔तुम लटकाओ मुझे फांसी, चाहे मारो जूत्ते😔
😔लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते😔
😥लेकिन खोज के लाओ, पहले वो इन्सानी कुत्ते ..!! Please read and share.👏
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