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Thursday, 15 October 2015

What is the Secret of Happiness?

एक समय की बात है, एक गाँव में महान ऋषि रहते थे| लोग उनके पास अपनी कठिनाईयां लेकर आते थे और ऋषि उनका मार्गदर्शन करते थे| एक दिन एक व्यक्ति, ऋषि के पास आया और ऋषि से एक प्रश्न पूछा| उसने ऋषि से पूछा कि "गुरुदेव मैं यह जानना चाहता हुईं कि हमेशा खुश रहने का राज़ क्या है (What is the Secret of Happiness)?" ऋषि ने उससे कहा कि तुम मेरे साथ जंगल में चलो, मैं तुम्हे खुश रहने का राज़ (Secret of Happiness) बताता हूँ|
ऐसा कहकर ऋषि और वह व्यक्ति जंगल की तरफ चलने लगे| रास्ते में ऋषि ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया और उस व्यक्ति को कह दिया कि इसे पकड़ो और चलो| उस व्यक्ति ने पत्थर को उठाया और वह ऋषि के साथ साथ जंगल की तरफ चलने लगा|
कुछ समय बाद उस व्यक्ति के हाथ में दर्द होने लगा लेकिन वह चुप रहा और चलता रहा| लेकिन जब चलते हुए बहुत समय बीत गया और उस व्यक्ति से दर्द सहा नहीं गया तो उसने ऋषि से कहा कि उसे दर्द हो रहा है| तो ऋषि ने कहा कि इस पत्थर को नीचे रख दो| पत्थर को नीचे रखने पर उस व्यक्ति को बड़ी राहत महसूस हुयी|
तभी ऋषि ने कहा – "यही है खुश रहने का राज़ (Secret of Happiness)"| व्यक्ति ने कहा – गुरुवर मैं समझा नहीं|
तो ऋषि ने कहा-

जिस तरह इस पत्थर को एक मिनट तक हाथ में रखने पर थोडा सा दर्द होता है और अगर इसे एक घंटे तक हाथ में रखें तो थोडा ज्यादा दर्द होता है और अगर इसे और ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे तो दर्द बढ़ता जायेगा उसी तरह दुखों के बोझ को जितने ज्यादा समय तक उठाये रखेंगे उतने ही ज्यादा हम दु:खी और निराश रहेंगे| यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुखों के बोझ को एक मिनट तक उठाये रखते है या उसे जिंदगी भर| अगर तुम खुश रहना चाहते हो तो दु:ख रुपी पत्थर को जल्दी से जल्दी नीचे रखना सीख लो और हो सके तो उसे उठाओ ही नहीं
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Sunday, 16 August 2015

मनुष्य कितना मूर्ख है |

मनुष्य कितना मूर्ख है |
प्रार्थना करते समय समझता है कि भगवान सब  सुन रहा है,
पर निंदा करते हुए ये भूल जाता है।
पुण्य करते समय यह समझता है कि भगवान देख रहा है,
पर पाप करते समय ये भूल जाता है।
दान करते हुए यह समझता है कि भगवान सब में बसता है,
पर चोरी करते हुए ये भूल जाता है।
प्रेम करते हुए यह समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है,
पर नफरत करते हुए ये भूल जाता है।
..और हम कहते हैं कि मनुष्य सबसे बुद्धिमान प्राणी है।😇
क़दर किरदार की होती है,
वरना...
कद में तो साया भी
इंसान से बड़ा होता है......
 
मंदिर भी क्या गज़ब की जगह है...
गरीब बाहर भीख मांगते हैं और अमीर अन्दर....

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इन्सान ज़रा सी वात पे कैसे टूट जाता है

ॐ साईं राम
कभी तो कुम्हार भी मन मै मंद मंद हँसता होगा
यह देखकर की,
मिट्टी के बर्तन को अच्छी तरह से देखने वाला इन्सान ज़रा सी वात पे कैसे टूट जाता है

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Thursday, 6 August 2015

Don't place your mistakes on your head,

Don't place your mistakes on your head,
 
 their weight may crush you.
 
Instead, place them under your feet
 
& use them as a platform to raise your vision.

Good Morning. Have a wonderful day!

हिंदू परम्पराओं से जुड़े ये वैज्ञानिक तर्क :

✅एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं..?
वैज्ञानिक कारण हैं..!
एक दिन डिस्कवरी पर जेनेटिक
बीमारियों से सम्बन्धित एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम
देख रहा था ...
उस प्रोग्राम में एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा की जेनेटिक बीमारी न हो इसका एक ही इलाज है और वो है
"सेपरेशन ऑफ़ जींस"
मतलब अपने नजदीकी रिश्तेदारो में विवाह नही करना चाहिए ..क्योकि नजदीकी
रिश्तेदारों में जींस सेपरेट (विभाजन) नही हो पाता और जींस लिंकेज्ड
बीमारियाँ जैसे हिमोफिलिया, कलर ब्लाईंडनेस, और
एल्बोनिज्म होने की १००% चांस होती है ..
फिर मुझे
बहुत ख़ुशी हुई जब उसी कार्यक्रम में ये
दिखाया गया की आखिर हिन्दूधर्म में
हजारों सालों पहले जींस और डीएनए के बारे में
कैसे
लिखा गया है ? हिंदुत्व में कुल सात गोत्र होते
है
और एक गोत्र के लोग आपस में शादी नही कर
सकते
ताकि जींस सेपरेट (विभाजित) रहे.. उस वैज्ञानिक ने
कहा की आज पूरे विश्व
को मानना पड़ेगा की हिन्दूधर्म ही विश्व का
एकमात्र
ऐसा धर्म है जो "विज्ञान पर आधारित" है !
हिंदू परम्पराओं से जुड़े ये वैज्ञानिक तर्क:
1- कान छिदवाने की परम्परा:
भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क-
दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्त‍ि बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली अच्छी होती है और कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का रक्त संचार नियंत्रित रहता है।
2-: माथे पर कुमकुम/तिलक
महिलाएं एवं पुरुष माथे पर कुमकुम या तिलक लगाते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- आंखों के बीच में माथे तक एक नस जाती है। कुमकुम या तिलक लगाने से उस जगह की ऊर्जा बनी रहती है। माथे पर तिलक लगाते वक्त जब अंगूठे या उंगली से प्रेशर पड़ता है, तब चेहरे की त्वचा को रक्त सप्लाई करने वाली मांसपेशी सक्रिय हो जाती है। इससे चेहरे की कोश‍िकाओं तक अच्छी तरह रक्त पहुंचता
3- : जमीन पर बैठकर भोजन
भारतीय संस्कृति के अनुसार जमीन पर बैठकर भोजन करना अच्छी बात होती है।
वैज्ञानिक तर्क- पलती मारकर बैठना एक प्रकार का योग आसन है। इस पोजीशन में बैठने से मस्त‍िष्क शांत रहता है और भोजन करते वक्त अगर दिमाग शांत हो तो पाचन क्रिया अच्छी रहती है। इस पोजीशन में बैठते ही खुद-ब-खुद दिमाग से एक सिगनल पेट तक जाता है, कि वह भोजन के लिये तैयार हो जाये।
4- : हाथ जोड़कर नमस्ते करना
जब किसी से मिलते हैं तो हाथ जोड़कर नमस्ते अथवा नमस्कार करते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- जब सभी उंगलियों के शीर्ष एक दूसरे के संपर्क में आते हैं और उन पर दबाव पड़ता है। एक्यूप्रेशर के कारण उसका सीधा असर हमारी आंखों, कानों और दिमाग पर होता है, ताकि सामने वाले व्यक्त‍ि को हम लंबे समय तक याद रख सकें। दूसरा तर्क यह कि हाथ मिलाने (पश्च‍िमी सभ्यता) के बजाये अगर आप नमस्ते करते हैं तो सामने वाले के शरीर के कीटाणु आप तक नहीं पहुंच सकते। अगर सामने वाले को स्वाइन फ्लू भी है तो भी वह वायरस आप तक नहीं पहुंचेगा।
5-: भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से
जब भी कोई धार्मिक या पारिवारिक अनुष्ठान होता है तो भोजन की शुरुआत तीखे से और अंत मीठे से होता है।
वैज्ञानिक तर्क- तीखा खाने से हमारे पेट के अंदर पाचन तत्व एवं अम्ल सक्रिय हो जाते हैं। इससे पाचन तंत्र ठीक तरह से संचालित होता है। अंत में मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है। इससे पेट में जलन नहीं होती है।
6-: पीपल की पूजा
तमाम लोग सोचते हैं कि पीपल की पूजा करने से भूत-प्रेत दूर भागते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- इसकी पूजा इसलिये की जाती है, ताकि इस पेड़ के प्रति लोगों का सम्मान बढ़े और उसे काटें नहीं। पीपल एक मात्र ऐसा पेड़ है, जो रात में भी ऑक्सीजन प्रवाहित करता ह
7-: दक्ष‍िण की तरफ सिर करके सोना
दक्ष‍िण की तरफ कोई पैर करके सोता है, तो लोग कहते हैं कि बुरे सपने आयेंगे, भूत प्रेत का साया आ जायेगा, आदि। इसलिये उत्तर की ओर पैर करके सोयें।
वैज्ञानिक तर्क- जब हम उत्तर की ओर सिर करके सोते हैं, तब हमारा शरीर पृथ्वी की चुंबकीय तरंगों की सीध में आ जाता है। शरीर में मौजूद आयरन यानी लोहा दिमाग की ओर संचारित होने लगता है। इससे अलजाइमर, परकिंसन, या दिमाग संबंधी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। यही नहीं रक्तचाप भी बढ़ जाता है।
8-सूर्य नमस्कार
हिंदुओं में सुबह उठकर सूर्य को जल चढ़ाते हुए नमस्कार करने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क- पानी के बीच से आने वाली सूर्य की किरणें जब आंखों में पहुंचती हैं, तब हमारी आंखों की रौशनी अच्छी होती है।
9-सिर पर चोटी
हिंदू धर्म में ऋषि मुनी सिर पर चुटिया रखते थे। आज भी लोग रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- जिस जगह पर चुटिया रखी जाती है उस जगह पर दिमाग की सारी नसें आकर मिलती हैं। इससे दिमाग स्थ‍िर रहता है और इंसान को क्रोध नहीं आता, सोचने की क्षमता बढ़ती है।
10-व्रत रखना
कोई भी पूजा-पाठ या त्योहार होता है, तो लोग व्रत रखते हैं।
वैज्ञानिक तर्क- आयुर्वेद के अनुसार व्रत करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है और फलाहार लेने से शरीर का डीटॉक्सीफिकेशन होता है, यानी उसमें से खराब तत्व बाहर निकलते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार व्रत करने से कैंसर का खतरा कम होता है। हृदय संबंधी रोगों, मधुमेह, आदि रोग भी जल्दी नहीं लगते।
11-चरण स्पर्श करना
हिंदू मान्यता के अनुसार जब भी आप किसी बड़े से मिलें, तो उसके चरण स्पर्श करें। यह हम बच्चों को भी सिखाते हैं, ताकि वे बड़ों का आदर करें।
वैज्ञानिक तर्क- मस्त‍िष्क से निकलने वाली ऊर्जा हाथों और सामने वाले पैरों से होते हुए एक चक्र पूरा करती है। इसे कॉसमिक एनर्जी का प्रवाह कहते हैं। इसमें दो प्रकार से ऊर्जा का प्रवाह होता है, या तो बड़े के पैरों से होते हुए छोटे के हाथों तक या फिर छोटे के हाथों से बड़ों के पैरों तक।
12-क्यों लगाया जाता है सिंदूर
शादीशुदा हिंदू महिलाएं सिंदूर लगाती हैं।
वैज्ञानिक तर्क- सिंदूर में हल्दी, चूना और मरकरी होता है। यह मिश्रण शरीर के रक्तचाप को नियंत्रित करता है। चूंकि इससे यौन उत्तेजनाएं भी बढ़ती हैं, इसीलिये विधवा औरतों के लिये सिंदूर लगाना वर्जित है। इससे स्ट्रेस कम होता है।
13- तुलसी के पेड़ की पूजा
तुलसी की पूजा करने से घर में समृद्ध‍ि आती है। सुख शांति बनी रहती है।
वैज्ञानिक तर्क- तुलसी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। लिहाजा अगर घर में पेड़ होगा, तो इसकी पत्त‍ियों का इस्तेमाल भी होगा और उससे बीमारियां दूर होती हैं।
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दिल की हसरत अब जुबाँ पर आने लगी है

॥ मेरे कन्हैया ॥
॥ दिल की हसरत अब जुबाँ पर आने लगी है ॥
॥ और तुम्हें देखकर तो मेरी जिंदगी मुस्कुराने लगी है ॥
॥ ये प्रेम की इंतहाँ है या मेरी दीवानगी मेरे श्याम ॥
॥ कि हर सूरत में तेरी सूरत नजर आने लगी है ॥
॥ जय जय श्री राधे-कृष्णा ॥
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Those who are willing to help you.

A lovely little girl was holding two apples with both hands.
Her mum came in and softly asked her little daughter with a smile; my sweetie, could you give your mum one of your two apples?
The girl looked up at her mum for some seconds, then she suddenly took a quick bite on one apple, and then quickly on the other.
The mum felt the smile on her face freeze. She tried hard not to reveal her disappointment.
Then the little girl handed one of her bitten apples to her mum,and said: mummy, here you are. This is the sweeter one.
No matter who you are, how experienced you are, and how knowledgeable you think you are, always delay judgement. 
Give others the privilege to explain themselves.   
                           
What you see may not be the reality. Never conclude for others.
Which is why we should never only focus on the surface and judge others without understanding them first.
Those who like to pay the bill, do so not because they are loaded but because they value friendship above money.
Those who take the initiative at work, do so not because they are stupid but because they understand the concept of responsibility.
Those who apologizes first after a fight, do so not because they are wrong but because they value the people around them.
Those who are willing to help you, do so not because they owe you any thing but because they see you as a true friend.
Those who often text you, do so not because they have nothing better to do but because you are in their heart.
Those who take out time to chat with you, does not mean they are jobless or less busy, but they know the importance of keeping in touch.
One day, all of us will get  separated  from each other; we will miss our conversations of everything & nothing; the dreams that we had.
Days will pass by, months, years, until this contact becomes rare... One day our children will see our pictures and ask 'Who are these people?' And we will smile with invisible tears  because a heart is touched with a strong word and you will say: 'IT WAS THEM THAT I HAD THE BEST DAYS OF MY LIFE WITH'.

Wednesday, 29 July 2015

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ,

हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ,
शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये..!!
मत पूछो उसके प्यार करने का अन्दाज कैसा था,
उसने इतनी सिद्दत से सीनेे से लगाया कि,
सांस भी रुक गयी और जान भी ना गयी...!!
दुखती रग पर ऊँगली रखकर पूछ रही हो कैसे हो,
तुमसे ये उम्मीद नहीं थी, दुनिया चाहे जैसी हो..!!
मैं सहम जाता हूँ किसी भी पायल की आवाज सुनकर,
वो याद आता है, जिस बेवफा ने पैरों से मेरा दिल रोंदा था..!!
सफ़ेद लिबास उसे बहूत पसंद था, साहेब...
पर जब आज मै कफन मे लिपटा हूँ तो वो रोता क्यूँ है..!!
अब की बार एक अजीब सी ख्वाहिश जगी है..
कोई मुझे टूट कर चाहे और मै बेवफा निकलू…!!
हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ,
शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये..!!
मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है,
पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है...!!
अब भी रोज तुम्हारे स्टेट्स पर एक नजर मार लेता हूं,
ये सोच कर के शायद तुमने मेरे बारे में भी कुछ लिखा होगा..!!

जीतने कि आदत बचपन से थी , इसलिए जीतते ही रहे थे,

जीतने कि आदत बचपन से थी , इसलिए जीतते ही रहे थे,
बस हार गये एक रोज दो ही कतरो से, जो तेरी ऑखो से बहे थे..!!
सुबह उसकी ऑखे बता रही थी, वो सो नहीं पाया,
शायद उसके दिल और आँखों में मैं रात भर जला...!!
बड़ा पथरीला है रास्ता- ए- मोहब्बत,
सुनो मैं बिखर जाता हूँ, तुम मेरे दिल पर पैर रख कर निकल जाना...!!
समंन्दर से भी ज़्यादा थी, सारी आँखों से बह गई,
मेरी पहली मोहब्बत ही अधूरी रह गई....
कुछ कतरे ही मिल जाएं, मुझे इस समुंदर की प्यास नहीं,
मैं खुद को ढूंढ रहा हूँ, मुझे "ख़ुदा" कि अब तलाश नहीं...!!
किस जुर्म मे छीन गयी मुझसे मेरी हँसी,
मैने तो किसी का दिल दुखाया भी ना था...!!
कुछ तेरे दर पर कटी और कुछ महखाने में कटी,
चार दिन कि जिन्दगी लाया था, दो तेरी याद में कटी और दो तुझे भूल जाने में कटी...!!
रोने से अगर वो मिल जाये तो,
भगवान की कसम इस धरती पे सावन की बरसात लगा दूँ..!!
उमीदों का सफर करता हूँ इसी सहारे पर,
के वो भी खड़ा होगा मेरे इंतज़ार में दूसरे किनारे पर...!!
कहते है कि मोहब्बत मे लोग कभी कभी दगा करते है,
मगर मेरे "खुदा" मुझे एक तो मिलें, जो ता- उमर वफा करते है...!!
जब भी कोइ दोस्त पूछता है हमसें भाभी कैसी है,
दिल की धड़कनें रुक जाती है और जूबान पे एक ही सवाल आता है,
कौन सी..😝😝😝😝😝
ना किया कर अपने दर्द- ए- दिल को शायरी में बयां,
लोग और टूट जाते हैं, हर लफ़्ज को अपनी दांस्तान समझकर...!!
तेरी गलियों में आना तो दूर, तुझे भूल से भी याद ना करेंगे,
बस एक बार तू कह दे कि, मैं किसी और की अमानत हूं..!!
वो पूछती थी अक्सर मैं समझा नहीं,
हम किसी और के हो जाए तो क्या करोगे...??
किसी के साथ प्यार से मजाक जरूर करना..
मगर कभी किसी से मजाक से प्यार न करना...!!
ये बड़ा बेदर्द कातिल है, रूह तक को मार देता है,
मोहब्बत नाम है जिसका, जिन्दा लाश बना देना काम है इसका..!!
खूबसूरती से धोख़ा न खाइये जनाब..
तलवार कितनी भी खूबसूरत क्यों न हो, मांगती तो खून ही है..!!
तुझे क्या देखा, खुद को ही भूल गए हम इस क़दर,
कि अपने ही घर आये तो औरों से पता पूछकर..!!

दिया मिट्टी का है या सोने का, यह महत्वपूर्ण नहीं है

दिया मिट्टी का है
          या सोने का,
               यह महत्वपूर्ण नहीं है
बल्कि वो अंधेरे में
        प्रकाश कितना देता है
                     यह महत्वपूर्ण है
उसी तरह मित्र
        गरीब है या अमीर है,
               यह महत्वपूर्ण नहीं है
बल्कि वो तुम्हारी
      मुसीबत मे तुम्हारा
            कितना साथ देता है
                     यह महत्वपूर्ण है
🍀🍃🍀🍃🍀🍃🍀🍃🍀
शुभ दिन

पानी को बर्फ में… बदलने में वक्त लगता हैं..! ढले हुए सूरज को… निकलने में वक्त लगता हैं..!

पानी को बर्फ में…
बदलने में वक्त लगता हैं..!
ढले हुए सूरज को…
निकलने में वक्त लगता हैं..!
थोड़ा धीरज रख…
थोड़ा और जोर लगाता रहे…!
किस्मत के जंग लगे दरवाजे को…
खुलने में वक्त लगता हैं..!
कुछ देर रुकने के बाद…
फिर से चल पड़ना दोस्त..!
हर ठोकर के बाद…
संभलने में वक्त लगता हैं..!
बिखरेगी फिर वही चमक…
तेरे वजूद से.. तू महसूस करना..!
टूटे हुए मन को…
संवरने में थोड़ा वक्त लगता हैं..!
जो तूने कहा..
कर दिखायेगा रख यकीन..!
गरजे जब बादल…
तो बरसने में वक्त लगता हैं..!
खुशी आ रही हैं…
और आएगी ही..! इन्तजार कर..!
जिद्दी दुख-दर्द को टलने में…
थोड़ा तो वक्त लगता है

देश के प्रधानमन्त्री, पूरी सरकार, सभी नेता (पक्ष-विपक्ष) से मेरा करबद निवेदन-

देश के प्रधानमन्त्री, पूरी सरकार, सभी नेता (पक्ष-विपक्ष) से मेरा करबद निवेदन-
"दिल्ली के ओरंगजेब रोड का नाम बदल कर कलाम साहब के नाम कर दिया जाय. 


एक लुटेरे के नाम से हटा कर देशभक्त के नाम कर राष्ट्र का मान बढाओ....!!!"
अगर मेरे सुझाव से सहमत हो तो आगे भेजो.
धन्यवाद.

शेर खुद अपनी ताकत से राजा कहलाता है,

शेर खुद अपनी ताकत से राजा कहलाता है,

जंगल में कभी चुनाव नही होते।

आधुनिक भारत के भगवान चले गए। इस देश के असली स्वाभिमान चले गए।।

आधुनिक भारत के भगवान चले गए।
इस देश के असली स्वाभिमान चले गए।।
धर्म को अकेला छोड़ विज्ञान चले गए।
एक साथ गीता और कुरान चले गए।।
मानवता के एकल प्रतिष्ठान चले गए।
धर्मनिरपेक्षता के मूल संविधान चले गए।।
इस सदी के श्रेष्ठ ऋषि महान चले गए।
कलयुग के इकलौते इंसान चले गए।।
ज्ञान राशि के अमित निधान चले गए।।
सबके प्यारे अब्दुल कलाम चले गए।।

PM Modi has declared tommorow as national holiday in memory of Dr A.P.J. Abdul kalaam.

PM Modi has declared tommorow as national holiday in memory of
Dr A.P.J. Abdul kalaam.
All government offices, schools, colleges are to be kept closed tomorrow.
A. P. J. Abdul Kalam  Awards and honours
2014------->Doctor of Science
2012------->Doctor of Laws (Honoris Causa)
2011------->IEEE Honorary Membership
2010------->Doctor of Engineering
2009------->Honorary Doctorate
2009------->Hoover Medal
2009------->International von Kármán Wings Award
2008------->Doctor of Engineering (Honoris Causa)
2007------->King Charles II Medal
2007------->Honorary Doctorate of Science
2000------->Ramanujan Award
1998------->Veer Savarkar Award
1997------->Indira Gandhi Award for National Integration
1997------->Bharat Ratna
1994------->Distinguished Fellow
1990------->Padma Vibhushan
1981------->Padma Bhushan

Friday, 17 July 2015

पैसा इन्सान को ऊपर ले जा सकता है

Nice Lines:

पैसा इन्सान को ऊपर ले जा सकता है;
             लेकिन
इन्सान पैसा ऊपर नही ले जा सकता......


कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है....
पर रोटी की साईज़ लगभग  सब घर में एक जैसी ही होती है।

शानदार बात

इन्सान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले,
और परिंदे सोचते हैं कि रहने को घर मिले...
                   
‬ 'कर्मो' से ही पहेचान होती है इंसानो की...
महेंगे 'कपडे' तो,'पुतले' भी पहनते है दुकानों में !!..

ज़माना जब भी मुझे मुश्किल मे डाल देता है. मेरा ख़ुदा हज़ार रास्ते निकाल देता है....

ज़माना जब भी मुझे मुश्किल मे डाल देता है.

मेरा ख़ुदा हज़ार रास्ते निकाल देता है....


जमाना आज भी उसकी मिसाल देता है

नेकिया कर के जो दरिया में डाल देता है

अपनी भूख का इलज़ाम उस खुदा को ना दे


वो माँ के पेट में भी बच्चे को पाल देता है......

लड़की को प्रपोज करने काअनोखा तरीका.....

लड़की को प्रपोज करने काअनोखा तरीका.....


लड़का: चलती है क्या 9 से 12 ?...


लड़की: चल !...लड़का: कहां?...


लड़की: प्रिंसिपल के पास !...


लड़का: लो अब हम मजाक भी...नहीं कर सकते ?..


लड़की: छुट्टी मांगने बेवकूफ.

Wednesday, 15 July 2015

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो..!!

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो..!!






रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे..!!

मैं थोड़ी देर तक बैठा रहा उसकी आँखों के मैखाने में;

मैं थोड़ी देर तक बैठा रहा उसकी आँखों के मैखाने में;






दुनिया मुझे आज तक नशे का आदि समझती है…